मेरी खामोशियों को ........


मेरी खामोशियों को बेवफाई ना  समझना ।
इस तनहाई को मेरी दगाई ना समझना ॥
दिल में प्यार उतना ही है जितना तेरे दिल में ।
मुझे कभी दिल से पराया न समझाना ॥

शेखर कुमावत
 

ये जरुरी तो नहीं ........


दिल का रिश्ता जन्मों का हो जरुरी तो नहीं |
हर रिश्ते का नाम हो ये जरुरी तो नहीं ||

निगाहें ढूंढती है जिसका पता हर रोज़ |
वो शक्स करीब हो ये जरुरी तो नहीं ||

खामोशियाँ दिल का हाल बयां कर देती हे |
इजहार लब्जों से हो ये जरुरी तो नहीं ||

उनकी यादों का समंदर उफान पर हो |
और वो सामने हो ये जरुरी तो नहीं ||

दिल में बस कर -धड़कन में समायां हे |
फिर मेरी बाँहों में हो ये जरुरी तो नहीं ||

शेखर कुमावत

तड़प-ए-दिल...

ये दूरियां तो हमने ने बनाए रखी है । 
रीती - रिवाजो में उलझाए रखी है ।।
वो क्या समझेंगे तड़प-ए-दिल की । 
जिन्होंने बेड़ियां इज्जत की पहन रखी है ।। 



Ye Duriyan To Hamne Banaye Rakhi H.
Riti - Riwajo Me Ulja Rakhi H. 
Wo Kya Samjhenge Tadap-e-dil Ki. 
Jinhone Bediya Ijjat Ki Pahan Rakhi H. 


© Shekhar Kumawat

ऐ हुस्न............


ऐ हुस्न मुझे तुझसे शिकायत नहीं ।
दूरियां मिटाने की तेरी कवायत नहीं ॥ 

मझबूर है तेरे कसमो और वादो से । 
वरना ये मोहब्बत इबादत से कम नहीं ॥

करते है इन्तजार हर रोज़ उस मोड़ पर । 
जहाँ से बढ़ने की मुझे इजाजत नहीं ॥ 

© Shekhar Kumawat

लगा कर महेंदी

लगा कर महेंदी मेरे नाम की  दिल को चुरा लिया । 
आई वो खुशबु जिसने मन को महका दिया ।।


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