खुदा की इब्बादत....

अपनी मोहब्बत पर इतना इल्म न कर.
खाक-ए-बदन पे इतना फक्र न कर..  
इश्क तो खुदा की इब्बादत है यारा.
इसे ठुकरा कर उसकी तौहीन न कर..



इल्म = ज्ञान, जानकारी
फक्र = गर्व
तौहीन = बेइज़्ज़ती, अपमान

© Shekhar Kumawat

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