हैं माँ

हैं माँ
मेने देखा
मैंने समझा

ये दुनिया कितनी छोटी हे
और तेरा आँचल कितना बड़ा हे

तेरे आँचल में मिले मुझे लाख फूल
दुनिया में मिले कदम कदम पर लाख शूल

तुने हर कदम पर संभाला
दुनिया ने हर कदम पर गिराया

सबसे बड़ा तेरा दिल
बाकी सब पत्थर दिल

बस माँ तेरा तेरा आँचल मिले
रख कर उस में सिर

मीठी मीठी लोरी सुनु
प्यारी प्यारी बाते सुनु

बस माँ तेरा आँचल मिले

शेखर कुमावत

9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही प्रभाव शाली रचना...बधाई...
    नीरज

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  2. अंतरमन से नीकली सुंदर रचना।

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  3. bahut badhiya shabd or unme chipa ma ke liye pyaar!!!!!!!!


    painting dil chu lene wali hai .


    chitrkarji ko bhi badhai .or shubhkamnaye.

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