सुहानी यादो से.............

सुहानी यादो से ना हमको सताया करो ।
ख्वाबो में आकर ना रुलाया करो ।।

दो पल के दिन, चार पलो की राते है।
रूठ कर न हमें यादो में दफ़नाया करो।।

कोई खता हो तो खता की सजा दो हमे ।
रह कर दूर, हुस्न से ना तडफाया करो ।।

मोहब्बत की सजा क्या मोत से कम है।
लिख लिख कर नाम मेरा मिटाया करो ।।


शेखर कुमावत

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें