बंद आंखो के सपने

बंद आंखो के सपने कहा साकार होते |
बातो से रास्ते कहा आसान होते || 

वतन  की मांग है जागो-उढो-चलो | 
क्योकी तबदिली बुलन्द होसलो से होते || 


© Shekhar Kumawat

3 टिप्‍पणियां:

  1. गणतंत्र दिवस २६/०१/२०१३ विशेष ब्लॉग बुलेटिन ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सब को गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं ! आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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