दूर रहती तो है .........

दूर रहती तो है पर सताती बहुत है ।
भुलाता तो हूँ पर याद आती बहुत है ।।

बात ख्वाबो तक हो तो ठीक थी ।
मगर जहन में आती बहुत है ।।

तस्वीरो से दीवाना बना रखा है ।
गर सामने आये तो क़यामत बहुत है ।।

रुट कर मानती, मान कर रुट जाती ।
इन अदाओ से मुझे आजमाती बहुत है ।।

दिल में बसा कर दुनिया से छिपाती ।
जाने वो इतना प्यार करती बहुत है ।।



© 'शेखर कुमावत'

तेरे आने का...........

तेरे आने का इंतजार करती है निगाहें ।
कुछ ना कहो तो भी कहती है निगाहें ।।
आलम-ए-मंज्जर कुछ ऐसा है दिल का ।
एक मुद्दत से राह पे टिकायें रखी है निगाहें ।।



Tere aane ka intjaar karti he NIGAHEN.
Kuchh na kaho to bhi kahti he NIGAHEN.
Alam-E-Manjjar kuchh aisa he DIL ka.
Ek muddat se rah pe tikayen rakhi he NIGAHEN.


© 'शेखर कुमावत'

मेरी खामोशियों को ........


मेरी खामोशियों को बेवफाई ना  समझना ।
इस तनहाई को मेरी दगाई ना समझना ॥
दिल में प्यार उतना ही है जितना तेरे दिल में ।
मुझे कभी दिल से पराया न समझाना ॥

शेखर कुमावत
 

ये जरुरी तो नहीं ........


दिल का रिश्ता जन्मों का हो जरुरी तो नहीं |
हर रिश्ते का नाम हो ये जरुरी तो नहीं ||

निगाहें ढूंढती है जिसका पता हर रोज़ |
वो शक्स करीब हो ये जरुरी तो नहीं ||

खामोशियाँ दिल का हाल बयां कर देती हे |
इजहार लब्जों से हो ये जरुरी तो नहीं ||

उनकी यादों का समंदर उफान पर हो |
और वो सामने हो ये जरुरी तो नहीं ||

दिल में बस कर -धड़कन में समायां हे |
फिर मेरी बाँहों में हो ये जरुरी तो नहीं ||

शेखर कुमावत

तड़प-ए-दिल...

ये दूरियां तो हमने ने बनाए रखी है । 
रीती - रिवाजो में उलझाए रखी है ।।
वो क्या समझेंगे तड़प-ए-दिल की । 
जिन्होंने बेड़ियां इज्जत की पहन रखी है ।। 



Ye Duriyan To Hamne Banaye Rakhi H.
Riti - Riwajo Me Ulja Rakhi H. 
Wo Kya Samjhenge Tadap-e-dil Ki. 
Jinhone Bediya Ijjat Ki Pahan Rakhi H. 


© Shekhar Kumawat

ऐ हुस्न............


ऐ हुस्न मुझे तुझसे शिकायत नहीं ।
दूरियां मिटाने की तेरी कवायत नहीं ॥ 

मझबूर है तेरे कसमो और वादो से । 
वरना ये मोहब्बत इबादत से कम नहीं ॥

करते है इन्तजार हर रोज़ उस मोड़ पर । 
जहाँ से बढ़ने की मुझे इजाजत नहीं ॥ 

© Shekhar Kumawat

लगा कर महेंदी

लगा कर महेंदी मेरे नाम की  दिल को चुरा लिया । 
आई वो खुशबु जिसने मन को महका दिया ।।


यादो के पिटारे में..........

मुझे वो यादो के पिटारे में रखता है । 
भूल ना जाये इस लिए करीब रखता है ॥

जब भी ख़ामोशी में वो गुफ्तगूं करता । 
कटरा-कतरा आसु निकल ही जाता है ॥


Mujhe Wo Yado Ke Pitare Me Rakhat He.
Bhul Na Jaye Is Liye Jarib Rakhata He.

Jab Bhi Khamoshi Me Guft Gun Karta He.
Katra Katra Aasun Nikal Hi Jata He.

© Shekhar Kumawat

माँ : दिल से दुआ ......

करो दिल से दुआ वो कबूल हो जाए।
प्यासे को पानी, राही को मंझिल मिल जाए।।
रखो दिल मे विशवास माँ शेरा वाली का ।
तो राह के काटे भी फूल बन जाए ।।

Kro dil se dua wo kabul ho jaye.
Pyase ko pani, Rahi ko manjhil mil jaye.
Rakho dil me vishavas ma shera wali ka.
To Rah ke kate bhi phool ban jaye.


Jay Mata Di
© Shekhar Kumawat