यादो के पिटारे में..........

मुझे वो यादो के पिटारे में रखता है । 
भूल ना जाये इस लिए करीब रखता है ॥

जब भी ख़ामोशी में वो गुफ्तगूं करता । 
कटरा-कतरा आसु निकल ही जाता है ॥


Mujhe Wo Yado Ke Pitare Me Rakhat He.
Bhul Na Jaye Is Liye Jarib Rakhata He.

Jab Bhi Khamoshi Me Guft Gun Karta He.
Katra Katra Aasun Nikal Hi Jata He.

© Shekhar Kumawat

2 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, आज की हकीकत - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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