जीने नहीं देता .........

फासला तुम्हे भूलने नहीं देता.
खुली आँखों में खवाब दिखा देता.
ये कैसी कसम दिलाई है तुमने.
जो जीकर भी जीने नहीं देता ....

 © Shekhar Kumawat

खुदा की इबादत ........

मोहब्बत भी गजब की शय होती है..
कभी दर्द तो कभी दवा होती है .
गर हो जाये ये हसीन खता किसी से ..
तो खता भी खुदा की इबादत होती है ......

 © Shekhar Kumawat

तड़फोगे तुम भी....

तड़फोगे तुम भी उतना जितना तड़फाओगे |
हाले दिल तमाम खुद ब खुद जान जाओंगे ||
गर है कोई शिकवा मुझसे तो दूर करलें |
वरना एक रोज तुम बहुत पछताओगे ||


© Shekhar Kumawat

बंद आंखो के सपने

बंद आंखो के सपने कहा साकार होते |
बातो से रास्ते कहा आसान होते || 

वतन  की मांग है जागो-उढो-चलो | 
क्योकी तबदिली बुलन्द होसलो से होते || 


© Shekhar Kumawat

कोई मौत को तरसता

कोई जमी तो कोई आसमां को तरसता |
बेरहम दुनिया में कोई अपनों को तरसता ||

गर इतना आसां होता जीना इस दुनिया में |
फिर क्यूँ कोई बेदर्द मौत को तरसता ||




"
शेखर कुमावत"

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