मेरी खामोशियों को ........


मेरी खामोशियों को बेवफाई ना  समझना ।
इस तनहाई को मेरी दगाई ना समझना ॥
दिल में प्यार उतना ही है जितना तेरे दिल में ।
मुझे कभी दिल से पराया न समझाना ॥

शेखर कुमावत
 

ये जरुरी तो नहीं ........


दिल का रिश्ता जन्मों का हो जरुरी तो नहीं |
हर रिश्ते का नाम हो ये जरुरी तो नहीं ||

निगाहें ढूंढती है जिसका पता हर रोज़ |
वो शक्स करीब हो ये जरुरी तो नहीं ||

खामोशियाँ दिल का हाल बयां कर देती हे |
इजहार लब्जों से हो ये जरुरी तो नहीं ||

उनकी यादों का समंदर उफान पर हो |
और वो सामने हो ये जरुरी तो नहीं ||

दिल में बस कर -धड़कन में समायां हे |
फिर मेरी बाँहों में हो ये जरुरी तो नहीं ||

शेखर कुमावत