तड़प-ए-दिल...

ये दूरियां तो हमने ने बनाए रखी है । 
रीती - रिवाजो में उलझाए रखी है ।।
वो क्या समझेंगे तड़प-ए-दिल की । 
जिन्होंने बेड़ियां इज्जत की पहन रखी है ।। 



Ye Duriyan To Hamne Banaye Rakhi H.
Riti - Riwajo Me Ulja Rakhi H. 
Wo Kya Samjhenge Tadap-e-dil Ki. 
Jinhone Bediya Ijjat Ki Pahan Rakhi H. 


© Shekhar Kumawat