तड़प-ए-दिल...

ये दूरियां तो हमने ने बनाए रखी है । 
रीती - रिवाजो में उलझाए रखी है ।।
वो क्या समझेंगे तड़प-ए-दिल की । 
जिन्होंने बेड़ियां इज्जत की पहन रखी है ।। 



Ye Duriyan To Hamne Banaye Rakhi H.
Riti - Riwajo Me Ulja Rakhi H. 
Wo Kya Samjhenge Tadap-e-dil Ki. 
Jinhone Bediya Ijjat Ki Pahan Rakhi H. 


© Shekhar Kumawat

ऐ हुस्न............


ऐ हुस्न मुझे तुझसे शिकायत नहीं ।
दूरियां मिटाने की तेरी कवायत नहीं ॥ 

मझबूर है तेरे कसमो और वादो से । 
वरना ये मोहब्बत इबादत से कम नहीं ॥

करते है इन्तजार हर रोज़ उस मोड़ पर । 
जहाँ से बढ़ने की मुझे इजाजत नहीं ॥ 

© Shekhar Kumawat

लगा कर महेंदी

लगा कर महेंदी मेरे नाम की  दिल को चुरा लिया । 
आई वो खुशबु जिसने मन को महका दिया ।।


यादो के पिटारे में..........

मुझे वो यादो के पिटारे में रखता है । 
भूल ना जाये इस लिए करीब रखता है ॥

जब भी ख़ामोशी में वो गुफ्तगूं करता । 
कटरा-कतरा आसु निकल ही जाता है ॥


Mujhe Wo Yado Ke Pitare Me Rakhat He.
Bhul Na Jaye Is Liye Jarib Rakhata He.

Jab Bhi Khamoshi Me Guft Gun Karta He.
Katra Katra Aasun Nikal Hi Jata He.

© Shekhar Kumawat

माँ : दिल से दुआ ......

करो दिल से दुआ वो कबूल हो जाए।
प्यासे को पानी, राही को मंझिल मिल जाए।।
रखो दिल मे विशवास माँ शेरा वाली का ।
तो राह के काटे भी फूल बन जाए ।।

Kro dil se dua wo kabul ho jaye.
Pyase ko pani, Rahi ko manjhil mil jaye.
Rakho dil me vishavas ma shera wali ka.
To Rah ke kate bhi phool ban jaye.


Jay Mata Di
© Shekhar Kumawat

उनके सपने मेरे ...........

उनके सपने मेरे अरमान बन जाये ।
होटो की हँसी मेरी मुस्कान बन जाये ।।
बेपनाह मोहब्बत करते है उनसें हम ।
क्यों की उनकी सासे जो मेरी जान बन जाये ।।



Unke sapne mere arman ban jaye.
Hoto ki hasi meri muaskan ban jaye.
Bepana mohabbat kahte h unse ham.
Kyunki unki saanse meri jaan ban jaye..


Vandna..

गुजरेगा जनाजा...........

गुजरेगा जनाजा तेरे घर के सामने ।
आसु ना बहाना किसी के सामने ।। 
छोड़ा कहा कातिल जीने के लिए । 
जो आये हो जनाजे पे मेर सामने ।।


उम्र भर............

उम्र भर ठोकरे खाई, मझिल तक पहुचने के लिये  । ।
जख्म तक होसला देते रहे, रास्तो पे चलने के लिये ॥
में मुस्कुराता रहा, और हालत कुछ यु बदलते रहे । 
मंझिल पे पहुचा तो पता चला कब्र है अब जीने के लिये ॥


Umer Bhar Thokre Khai , Manjhil Tak Pahuchne Ke Liye |
Jhakham Tak Hosla Dete Rahe, Rasto Par Chalne Ke Liye ||

Me Muskurata Raha, Or Halat Kuch Yu Badlte Rahe |
Manjhil Pe Pahucha To Pata Chala, Kabr He Ab Jine Ke Liye ||
 
 :- शेखर कुमावत

नादान है दिल.......


नादान है दिल, जो नादानिया करता है ।
अक्सर भुलाने के बहाने से याद करता है ।।
कहता है वो की मोहब्बत करता है मुझसे ।
सच तो ये है की भूलने की वो दुआ करता है ।।



Nadan He Dil, Jo Nadaniyan Karta He.
Aksar Bhulne Ke Bahane Se Yad Karta He..
Kahta He Ki Wo Mohabbat Karta He Mujhse.
Sach To Ye He Ki Wo Bhulne Ki Dua Karta He..
© Shekhar Kumawat