दिल के आँगन मे.............

दिल के आँगन मे जब वो ही रहते है ...
इन आँखों से क्यूँ आसु बहते है ....
जाने क्या होगा अंजाम दिल लगी का ...
जब उनकी सासो से हम जीते है ....

Dil Ke Aangan Me Jab Wo Hi Rahte Hai .
In Aankho Se Kyun Aansu Bahte Hai .
Jane Kya Hoga Anjam Dil Lagi Ka .
Jab Unki Saso Se Ham Jite Hai .
 


 © Shekhar Kumawat

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (13-01-2014) को "लोहिड़ी की शुभकामनाएँ" (चर्चा मंच-1491) पर भी है!
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हर्षोल्लास के पर्व लोहड़ी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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