जीने नहीं देता .........

फासला तुम्हे भूलने नहीं देता.
खुली आँखों में खवाब दिखा देता.
ये कैसी कसम दिलाई है तुमने.
जो जीकर भी जीने नहीं देता ....

 © Shekhar Kumawat

खुदा की इबादत ........

मोहब्बत भी गजब की शय होती है..
कभी दर्द तो कभी दवा होती है .
गर हो जाये ये हसीन खता किसी से ..
तो खता भी खुदा की इबादत होती है ......

 © Shekhar Kumawat