बंद आंखो के सपने

बंद आंखो के सपने कहा साकार होते |
बातो से रास्ते कहा आसान होते || 

वतन  की मांग है जागो-उढो-चलो | 
क्योकी तबदिली बुलन्द होसलो से होते || 


© Shekhar Kumawat