दिल की दुरी.................

दिल की दुरी को कदमो से ना मिटा सके । 
जज्बातों की आग को ना आँखों से बुझा सके ।। 

एक वादा था उस मोड़ तक साथ चलने का । 
जिसे न तुम निभा सके न हम निभा सके ।।


 Dil Ki Duri Ko Kadmo Se Na Mita Sake. 
Jajbato Ki Aag Ko Na Aankho Se Bujha Sake.

 Ek Wada Tha Us Mod Tak Sath Chalne Ka. 
Jise Na Tum Nibha Sake Na Ham Nibha Sake.


 © Shekhar Kumawat

उनसे मोहब्बत हो गयी..................

वाकिया ये हुआ की उनसे मोहब्बत हो गयी...
उन के दीदार में खुदा की इबादत  हो गयी ...
अक्सर दूरिया इश्क की सिद्दत को बड़ा देती है ...
इसलिए तो उनकी दर भी जियारत हो गयी ....



Wakiya Ye Hua Ki Unse Mohabbat Ho Gayi.
Un Ke Didar Me Khuda Ki Ibaddat Ho Gayi.


Aksar Duri Ishq Ki Siddat Ko Bada Deti Hai.
Isliye To Unki Dar Bhi Ab Jiyarat Ho Gayi Hai....




 © Shekhar Kumawat

आँखों ने आँखों से बाते कर ली................

आँखों ने आँखों से बाते  कर ली । 
लबो ने लबो से मुलाकाते कर ली  ॥

एक यही कमी थी मेरे जीवन में । 
तुमने पूरी जीसे गुनगुनाते कर ली॥


Aankho Ne Aankho Se Baate Kar Li.
Labo Ne Labo Se Mulakate Kar Li ..

Ek Yahi Kami Thi Mere Jivan Me.
Tumne Puri Jise Gungunate Kar Li..


 © Shekhar Kumawat

आइना टूट गया होगा ............


मुझे यकीन है की तेरा आइना टूट गया होगा ..
चहरे  से तेरे भी नकाब हट गया होगा...
तेरी तो निगाहे ही कुछ ऐसी है झालिम. ..
की आइना खुद - ब - ख़ुद टूट गया होगा...


Mujhe Yakin Hai Ki Tera Aaina Tut Gaya Hoga .
Chahre Pe Tere Bhi Nakab Hat Gaya Hoga..
Teri To Nigahe Hi Kuchh Aisi Hai Jhalim.
Ki Aaina Khud B Khud Tut Gaya Hoga.


 © Shekhar Kumawat

" वाह क्या ताज है ".........

ये मोहब्बत की क्या खूब इबादत है |
फरिस्ते भी दुआ मांगे ऐसी जियारत है ||
गजब का करिश्मा है ताज कारीगरी में |
जो हर शक्श कहे "वाह क्या इमारत  है "||

 


Ye Mohabbat Ki Kya Khub Ibadat Hai .
Fariste Bhi Dua Mange Isi Jiyarat Hai ..

Gajab Ka Karishama Hai Taj Ki Karigari Me.
Jo Har Shaksh Kahe "Wah Kya Imarat Hai..

 © Shekhar Kumawat

एक खता........

एक खता हमसे नहीं होती । 
एक खता उनसे नहीं होती ॥ 
ना जाने कोनसी खता हुई हमसे । 
जो ये खता फिर से नहीं होती  ॥ 

 

 © Shekhar Kumawat

जीने नहीं देता .........

फासला तुम्हे भूलने नहीं देता.
खुली आँखों में खवाब दिखा देता.
ये कैसी कसम दिलाई है तुमने.
जो जीकर भी जीने नहीं देता ....

 © Shekhar Kumawat

खुदा की इबादत ........

मोहब्बत भी गजब की शय होती है..
कभी दर्द तो कभी दवा होती है .
गर हो जाये ये हसीन खता किसी से ..
तो खता भी खुदा की इबादत होती है ......

 © Shekhar Kumawat

तड़फोगे तुम भी....

तड़फोगे तुम भी उतना जितना तड़फाओगे |
हाले दिल तमाम खुद ब खुद जान जाओंगे ||
गर है कोई शिकवा मुझसे तो दूर करलें |
वरना एक रोज तुम बहुत पछताओगे ||


© Shekhar Kumawat

बंद आंखो के सपने

बंद आंखो के सपने कहा साकार होते |
बातो से रास्ते कहा आसान होते || 

वतन  की मांग है जागो-उढो-चलो | 
क्योकी तबदिली बुलन्द होसलो से होते || 


© Shekhar Kumawat