तुम से बेवफाई

आज जो तुम से बेवफाई कर रहा हूँ |
दिल पर एक पत्थर सा रख रहा हूँ ||

यु ही नहीं ठुकराता कोई सच्चे प्यार को |
बस यही बात खामोशी से कह रहा हूँ ||


For Sweet Metu

Shekhar Kumawat

मेरी कश्ती क्यूँ डुबोई ?

गम इस बात का नहीं, कि मेरी कश्ती क्यूँ डुबोई |
गम इस बात का है , कि अपनों ने क्यूँ डुबोई ||

हम तो फिर भी जी लेते कश्ती बदल कर |
फिर मगर उस कम्बक्त ने अपनी क्यूँ डुबोई ||


http://www.designflavr.com/images/gallery/119041922.jpg

Shekhar Kumawat :-