काव्य 'वाणी'

नमस्कार साथियों में शेखर कुमावत अपनी रूहानी आवाज के साथ आप सब के लिए लाया हु मेरा अपना ब्लॉग

काव्य 'वाणी'


आशा हे इस नए ब्लॉग के जरिये आप तक अपने दिली जज्बात को पंहुचा ने में कामियाब होऊंगा |



१५/३/20010
शेखर कुमावत


6 टिप्‍पणियां:

  1. Anek shubhkamnaon sahit aapka swagat hai!Pls...gar word verification hata den to comment karneme adhik suvidha hogi!

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  2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  3. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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  4. nice to see your blog ..
    n the great 'mother poem' !!

    Dr. Jitu Bagria
    www.dahiroti.com

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  5. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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